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Viral Menu Card: 2001 में कितने रुपये में मिलती थी चिकन बिरयानी? रेट जानकर बोलेंगे- पूरी दुकान खरीद लेते

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Viral Menu Card: 2001 में कितने रुपये में मिलती थी चिकन बिरयानी? रेट जानकर बोलेंगे- पूरी दुकान खरीद लेते

Chicken Rate in Year 2001: दुनिया में खाने-पीने के शौकीनों की कमी नहीं है. वक्त के साथ खाने-पीने की चीजों के दाम तेजी से बढ़े हैं लेकिन फिर भी स्वाद के शौकीनों की तादाद में कोई गिरावट नहीं आई है. अकसर आपने देखा होगा कि लोग किसी रेस्टोरेंट में जाते हैं और वहां का मेन्यू में चीजों के रेट देखकर हैरान हो जाते हैं. बुजुर्ग तो यहां तक कह देते हैं कि हमारे जमाने में यह चीज इतने रुपये में मिलती थी.  सोशल मीडिया पर एक पुराना मेन्यू कार्ड वायरल हो रहा है, जो किसी रेस्टोरेंट का है. इसमें खाने-पीने की चीजों के जो दाम लिखे हुए हैं, वो जानकर आप हैरान हो जाएंगे खासकर जो लोग नॉन वेज के शौकीन हैं. 

क्या है मेन्यू कार्ड में
यह मेन्यू कार्ड साल 2001 का बताया जा रहा है. इसके मुताबिक उस जमाने में आपको 7 रुपये में एग रोल, 10 रुपये में चिकन रोल, 15 रुपये में एग चिकन रोल और 16 रुपये में एग मटन रोल मिल जाता.  वहीं सिर्फ 30 रुपये में आप चिकन बिरयानी का लुत्फ ले रहे होते. इसके अलावा चिकन चाप के लिए 25 रुपये, चिकन दोप्याजा के लिए 30 रुपये, मुर्गा मुसल्लम के लिए 85 रुपये, चिकन टिक्का के लिए आपको  45 रुपये चुकाने पड़ते.

वहीं मटन बिरयानी साल 2001 में सिर्फ 32 रुपये में मिल रही थी. वहीं मटन मुगलई 30 रुपये, मटन हांडी 50 रुपये, मटन चाप 25 रुपये और मटन दोप्याजा सिर्फ 32 रुपये में आपको मिल जाता.  वहीं फिश लवर्स भी ये दाम पढ़कर हैरान हो जाएंगे क्योंकि मेन्यू कार्ड में लिखा है कि उस दौर में फिश फ्राई 10 रुपये, फिश फिंगर 16 रुपये, फिश तंदूरी 25 रुपये, फिश कबीराजी 15 रुपये और फिश कटलेट 10 रुपये में मिल जाती. वहीं रोटियों की बात करें तो रुमाली रोटी के दाम 1.25 रुपये और लच्छा पराठा 5 रुपये में मिल जाता. अगर आज के दौर से इन रेट्स की तुलना करें तो यकीनन खाने-पीने की 


9 साल में कितनी बढ़ी महंगाई
अगर साल 2004 से लेकर 2013 में खाने-पीने की चीजों देखें तो 9 वर्ष में इनमें 157 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. भारत सब्जियों का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है. लेकिन इस अवधि में सब्जियों के दाम भी 350 प्रतिशत बढ़ गए थे. 

साल 2004 से लेकर 2013 के बीच प्याज की कीमतों में ही 521 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी. उस दौर में प्याज के दाम कुछ दिनों में डबल और ट्रिपल हो जाया करते थे. साल 2010-11 के बाद 2013 में भी प्याज के दाम आसमान छू रहे थे. 

यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट्स
पवन कुमार सिंह नाम के यूजर ने लिखा- जब पैसा नहीं था तो सब सस्ता था, अब जब कमाने लगा हूं तो सब महंगा हो गया है.वहीं रितेश श्रीवास्तव ने लिखा, जितना कीमत अभी के टाइम में है, पहले भी उतना ही था. एक अन्य यूजर ने लिखा- पहले मेरी सैलरी 2 हजार थी, आज मेरी सैलरी 75 हजार है. विश्वास नहीं हो रहा.