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250 वर्ष पुराने बाबा मनसागर धाम की महिमा है निराली ,हर वर्ष होली व दीपावली पर लगता है मेला और भंडारा

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250 वर्ष पुराने बाबा मनसागर धाम की महिमा है निराली ,हर वर्ष होली व दीपावली पर लगता है मेला और भंडारा

फतेहाबाद से 12 KM दूर भट्टू रोड पर पड़ने वाले गांव ढिंगसरा को आज कौन नहीं जानता है . गाँव की प्रसिद्धि का मुख्य कारण है बाबा मानसागर जी का धाम. जिसकी एक अपनी अलग ही महिमा है.बाबा मानसागर धाम हरियाणा राज्य के फतेहाबाद जिले के ढिगंसरा गांव में भट्टू रोड़ पर स्थित है .

होली व दीपावली पर लगता है मेलाहोली पर्व पर मेले का आयोजन:ढींगसरा में बाबा मनसागर धाम पर श्रद्धालुओ ने टेका माथा, मन्नतें मांगीं
इस धाम में हर वर्ष होली व दीपावली पर दूर दराज से श्रद्धालु पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगते है। माना जाता है कि यहां माथा टेकने से जहां मन की मुरादें पूरी होती है। वहीं कहा जाता है कि दाद, मस्से, चर्म रोग से पीड़ित व्यक्ति झाडू व नमक का चढ़ावा चढ़ाते है तो उनका रोग दूर हो जाता है। पुराने समय में यहां पर मनसागर गिरी जी महाराज ने अपनी भक्ति भावना व समाज सेवा कर लोगों के दुखों को दूर करने में सहयोग दिया था। तभी से इस धाम की मान्यता दूर- दूर तक फैली थी। इस स्थान पर पहले केवल मात्र एक छोटा सा टीला व बाबा जी की कुटिया होती थी। परंतु अब इस धाम का ग्रामीणों ने एक कमेटी बनाकर इसकी काया पलट दी। अब यहां पर बाबा जी का भव्य मन्दिर बनाया गया है। बाबा की मूर्ति के पास हनुमान जी की सिंदूर से रंगी मूर्ति भी है. बाबा के मंदिर की  पास उनके चेलो का भी मंदिर बना हुआ है. 


विशाल भंडारे का आयोजन
गांव ढिगंसरा के बाबा मनसागर मंदिर पर लगने वाले में हजारों श्रद्धालु बाबा मनसागर मंदिर में पूजा अर्चना कर मन्नत मांगते है . मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें व स्टाले मुख्य आकर्षण का केंद्र रहती है । खिलौनों की दुकानों, मिठाइयों, खाने पीने व मनिहारी की दुकानों पर काफी भीड़ लगी रहती है । वहीं बच्चे झूलों का आंनद लेते है । हर साल मेले में श्री बाला जी सेवा समिति ढिगंसरा की तरफ से भंडारे का आयोजन भी किया जाता है .सुरक्षा के लिए मेले में पुलिस और प्रशासन की तरफ से पुख्ता प्रबंधन किया जाता है.

भारी पुलिस बल और प्रशासन भी रहता है मौजूद 
 गांव ढिंगसरा में बाबा मनसागर धाम मेले में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लग जाती है .मेले में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत ना आए इसके लिए मंदिर कमेटी की ओर से विशेष प्रबंध किए जाते है . किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहती है . ट्रैफिक संचालन के लिए स्पेशल ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद रहती है .इस मेले में हरियाणा, राजस्थान व पंजाब के साथ देश के अन्य हिसो से आए श्रद्धालुओं बाबा मनसागर धाम में मत्था टेककर व मन्नतें मांगते है. वैसे बाबा के दरबार में हर पूर्णिमा और अमावस्या को श्रद्धालु मत्था टेकने आते है. 

बाबा के चमत्कार की कहानी
गांव ढिंगसरा के ग्रामीणों के अनुसार करीब 250 वर्ष पूर्व एक साधू मनसागर गिरी जी ने यहां पर अपनी कुटिया बनाई थी। उनके आशीर्वाद से यहां के ठाकर नाहर सिंह को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई और बाद में यहां पर भव्य मंदिर का निर्माण करवा दिया। साधू मनसागर जी लोगों के चरम रोगों का ईलाज भी करते थे। उनके समाधि लेने के बाद यहां पर हर साल होली व दीपावली पर भव्य मेले का आयोजन किया जाने लगा.

।। जय श्री जय बाबा मनसागर जी महाराज की ।

बाबा के चमत्कार की कहानी
बुजुर्ग बताते हैं कि बाबा मनसागर जी का फरमान था कि मेरी बणी मे प्रवेश करते समय खँखारा करके प्रवेश करे । परन्तु एक बार कौतुहलवश एक बुजुर्ग बिना खँखारा कीऐ ही चुपचाप प्रवेश कर गऐ तो देखा कि बाबा जी के स्थान पर तो बाबा जी नहीं अपितु एक शेर शयन कर रहा है ।वो बुजुर्ग भयभीत होकर वापिस चल दिऐ कि तभी पीछे से आवाज आई कि " बच्चा डरो मत,आ जावो‌". तभी मुड़कर देखा तो बाबा लेटे मुस्कुरा रहे थे व बोले कि दोबारा गल्ती मत दोहराना यानि खंखारा कीऐ बिना बणी क्षेत्र में प्रवेश मत करना ।


।। जय श्री जय बाबा मनसागर जी महाराज की ।