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Odisha: जोर का धमाका सुना..घटनास्थल पर पहुंच 300 लोगों को बाहर निकाला, घायलों के लिए देवदूत बना ये शख्स

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Odisha: जोर का धमाका सुना..घटनास्थल पर पहुंच 300 लोगों को बाहर निकाला, घायलों के लिए देवदूत बना ये शख्स

Local People Of Accident Spot: ओडिशा के बालासोर रेल हादसे से पूरा देश दुखी है. हादसे में अभी तक अभी तक 280 लोगों की मौत हो गई है जबकि 900 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. हादसे के बाद बचाव और राहत का कार्य जारी है. इसी बीच दुर्घटना के तत्काल बाद स्थानीय लोगों ने जबरदस्त मानवता दिखाई और भीषण रेस्क्यू अभियान छेड़ दिया. उन्होंने ट्रेन में बच्चों और घायलों को तुरंत वहां से निकालना शुरू किया और तब तक निकालते रहे जब तक अन्य टीमें वहां पहुंचीं. 

जोर की आवाज सुनाई दी
दरअसल, न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए स्थानीय नागरिक गणेश ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ वो लोग यहां से 200 मीटर दूर मार्केट में थे. जोर की आवाज सुनने के बाद वे लोग घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि दुर्घटना की सुनकर हम लोग यहां पहुंचे तो यहां ट्रेन की बोगी में कई लोग फंसे हुए. लोगों में चीख पुकार मची हुई थी. उन्होंने फंसे लोगों को अंदर से निकालना शुरू किया.

पहुंचते ही भीषण रेस्क्यू शुरू
गणेश ने बताया कि हमने ट्रेन में फंसे करीब 200 से 300 लोगों को बाहर निकाला. हादसे के बाद इस युवक ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य में योगदान दिया. लोग मदद के लिए चीख-पुकार मचा रहे थे और इन सबके बीच बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने ट्रेन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की. स्थानीय लोगों की मदद से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका, जिसमें बच्चे और घायल भी शामिल रहे.

स्थानीय लोगों ने खुद को झोंक दिया
हादसा ऐसा था कि एक बार में कुछ समझ ही भी नहीं आ सका. पहले कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी की टक्कर की खबर आई. इसके बाद हावड़ा एक्सप्रेस भी टकरा गई. इसके बाद मानों आसमान टूट पड़ा, वहां चीख पुकार मच गई. आवाज सुनने के बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने देखा कि ट्रेन की बोगी में कई लोग फंसे हुए हैं. इसके बाद फंसे लोगों को अंदर से निकालने का काम शुरू हुआ. तत्काल ट्रेन में फंसे करीब सैकड़ों लोगों को बाहर निकाला गया.