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मृत्यु से पहले महाभोज! मरने के बाद साथ रहना चाहते हैं ये बुजुर्ग दंपती, पहले ही बना ली खुद की कब्र

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मृत्यु से पहले महाभोज! मरने के बाद साथ रहना चाहते हैं ये बुजुर्ग दंपती, पहले ही बना ली खुद की कब्र

अक्सर एक दूसरे से प्रेम करने वाले साथ जीने मरने की कसमें खाया करते हैं। मगर किसी को कभी पता नहीं होता कि उनकी मौत कब होनी है। इसलिए ओडिशा के वृद्ध दंपती ने लाखों रुपए खर्च कर अपने लिए कब्र बनवाया। इस डर से कि जब मरेगें तो उनका श्राद्ध कौन करेगा? अपनी मौत से पहले लक्ष्मण भुइयां और उनकी पत्नी जेंगी ने गांव के लोगों को बुलाकर खाना खिलाया। 

ओडिशा में गजपति जिले के नुआगड़ा ब्लॉक के सोरी गांव में दोनों एसबेस्टस की छत वाले घर में रहते हैं। घर में दोनों के अलावा कोई नहीं है। उनके परिवार में ऐसा कोई नहीं है जो उनकी बीमारी की हालत में आकर उन्हें पानी पिलाए।

वृद्ध लक्ष्मण ने जिंदगीभर की पूंजी और सरकारी भत्ते के साथ अपने लिए और अपनी पत्नी के खाने और दवा का खर्च उठाया। उनके पास जो जमीन थी, उसे बेच उस पैसे से उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के लिए एक कब्रगाह बनवाई। बाकी पैसों से उन्होंने गांव के लोगों को बुलाकर भरपेट खाना खिलाया।

लक्ष्मण और जेंगी के बच्चों में किसी ने भी बुजुर्ग दंपती को नहीं देखा इसीलिए लक्ष्मण और जेंगी ने करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर इस मकबरे को बनाने का फैसला किया।
लक्ष्मण ने कहा, "हम जिंदगी के अंत तक पहुंच चुके हैं। मुझे नहीं पता कि मैं कब मरूंगा। मरने के बाद हम यहां समाधि में साथ रहेंगे। इसलिए मैंने अपनी मर्जी से इस कब्रिस्तान को बनाया है।''

स्थानीय निवासियों ने बताया कि दो-तीन साल पहले इन दोनों कब्रों का निर्माण किया गया था। इस उन्होंने इसके निर्माण के बाद गांव के लोगों के लिए दावत का भी आयोजन किया। एक ग्रामीण ने कहा, "जब हमने लक्ष्मण को उनके और उनकी पत्नी के लिए श्मशान घाट बनाते देखा तो हम हैरान रह गए। उन्हें देखने वाला कोई नहीं है। इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया।"

लक्ष्मण और उनकी पत्नी की समाधि की खबर सामने आने से ओडिशा राज्य में कोहराम मच गया। सोरी गांव में दूर से ही दंपती की समाधि स्थल देखने के लिए आम लोग जुटते हैं।