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Odisha ट्रेन हादसे का पहला अलर्ट..NDRF के जवान ने ट्रेन के अंदर से ही भेज दिया था, फिर आगे क्या हुआ?

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Odisha ट्रेन हादसे का पहला अलर्ट..NDRF के जवान ने ट्रेन के अंदर से ही भेज दिया था, फिर आगे क्या हुआ?

First Accident Alert: ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन एक्सीडेंट ने पूरे देश का दिल दुखा दिया है. यह दुर्घटना शुक्रवार शाम बालासोर जिले के बहनागा बाजार स्टेशन के पास हुई है. इस भीषण दुर्घटना में 280 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इसी बीच एक एनडीआरएफ जवान चर्चा में है. यह जवान छुट्टी पर था और उसी ट्रेन से यात्रा कर रहा था. जवान वेंकटेश एनके एक माह की छुट्टी पर थे. 

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनडीआरएफ के जवान वेंकटेश एनके अपने घर नायक पट्टी तेजावर जिला, तमिलनाडु जाने के लिए शुक्रवार को हावड़ा से कोरोमंडल एक्सप्रेस से जा रहे थे. वे बोगी बी7 की 68 नंबर सीट पर थे तभी शाम साढ़े छह बजे तेज आवाज के साथ जोर का झटका लगा. उन्होंने अपनी बोगी का दरवाजा खोला तो अवाक रह गए. दुर्घटना हो चुकी थी. कई बोगियां पलटी पड़ी थीं.


इसके बाद उन्होंने सबसे पहले अपने इंस्पेक्टर को फोन किया. इंस्पेक्टर ने अपने कमांडर को हादसे की जानकारी दी और तुरंत हेडक्वार्टर को सूचित किया गया. इस प्रकार वे शायद पहले शख्स थे जिन्होंने बचाव कार्य में शामिल होने से पहले ट्रेन दुर्घटना के बारे में आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया था. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वेंकटेश बाल-बाल बच गए क्योंकि उनका कोच बी-7 पटरी से उतर गया था लेकिन आगे के कोचों से नहीं टकराया. 

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुतबिक वेंकटेश ने बताया कि मुझे जोर का झटका लगा...और फिर मैंने अपने कोच में कुछ यात्रियों को गिरते हुए देखा. मैंने पहले यात्री को बाहर निकाला और उसे रेलवे ट्रैक के पास एक दुकान में बिठाया...फिर मैं दूसरों की मदद के लिए दौड़ा. इसके बाद सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल की टीमें आना शुरू हो गईं. उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों ने खूब मेहनत की और उन्होंने घायलों को निकाला.

बता दें कि इधर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ओडिशा ट्रेन एक्सीडेंट की वजह का पता चल गया है. जांच पूरी हो गई है. जल्द ही इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी. अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री की तरफ से दिए गए निर्देशों पर काम तेजी से चल रहा है.