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घर के बुजर्गों को लगवाएं ये टीके, घटेगा जानलेवा बीमारियों का खतरा

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घर के बुजर्गों को लगवाएं ये टीके, घटेगा जानलेवा बीमारियों का खतरा

उम्र बढ़ने के साथ इंसान की इम्यूनिटी भी घटने लगती है। यंग होने पर जिन बीमारियों से हमारा प्रतिरक्षा तंत्र लड़ लेता है बड़ी उम्र पर छोटी-मोटी बीमारियां भी जानलेवा हो सकती हैं। वहीं हमारी वयस्क आबादी के एक बड़ा भाग को यह भी नहीं होता कि बचपन में उनको सही उम्र पर टीके लगे भी हैं या नहीं। यहां कुछ टीके हैं जो बुजुर्गों को डॉक्टर की सलाह पर लगवाए जा सकते हैं। 

बड़ों को डॉक्टर ने बताए ये टीके
वसंत कुंज फोर्टिस हॉस्पिटल इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर मनोज शर्मा का कहना है, बुजुर्गों की सेहत की नियमित जांच जरूरी है। बड़ों के लिए मीजल्स, मम्स, रूबेला, डिप्थीरिया और चेचक जैसे रोगों के लिए भी टीका उपलब्ध है। इनकी जरूरत उनको होती है, जिनकी इम्युनिटी कमजोर है या जो इम्यूनोसप्रेसिव एजेंट्स पर निर्भर हैं। बड़ों को जीवनकाल में दस साल के अंतराल पर टिटनस और डिप्थीरिया इम्युनाइजेशन की जरूरत होती है। मधुमेह, दिल, लिवर व किडनी के गंभीर रोगों से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर से टीकों पर बात करनी चाहिए।

● इंफ्लुएंजा (फ्लू)

● निमोकोकल (पीसीवी 13/ पीपीएसवी 23)

● हर्पीज जॉस्टर

● टीडी बूस्टर के लिए टीडीएपी की एक बार की डोज, उसके बाद हर दस साल में बूस्टर डोज

● वेरीसेला की 2 खुराक

● निमोकोकल की एक खुराक

●हेपेटाइटिस ए दो खुराक

●हेपेटाइटिस बी तीन खुराक

●मेनिंगोकोकल एक खुराक