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ग्रेटर नोएडा में घर खरीदना और फैक्ट्री लगाना हुआ महंगा, अथॉरिटी ने 15% तक बढ़ाए रेट, देखें नई दरें

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ग्रेटर नोएडा में घर खरीदना और फैक्ट्री लगाना हुआ महंगा, अथॉरिटी ने 15% तक बढ़ाए रेट, देखें नई दरें

ग्रेटर नोएडा में घर खरीदना और उद्योग लगाना अब और भी महंगा हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में शुक्रवार को 2023-24 के लिए संपत्तियों की नई आवंटन दरें तय कर दी हैं। औद्योगिक भूखंड, आईटी पार्क और डेटा सेंटर की दरों में 4.42 फीसदी की बढ़ोतरी की गई, जबकि आवासीय, वाणिज्यिक, बिल्डर और संस्थागत की दरों में 15 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने बताया कि निवेशक ग्रेटर नोएडा में आने को उत्सुक हैं। दर बढ़ाने से पहले बाजार दरों का सर्वे कराया गया। इसमें प्राधिकरण की आवंटन दरें कम पाई गईं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए विभिन्न परिसंपत्तियों की आवंटन दरों में 4.42 फीसदी से लेकर 15 फीसदी तक का इजाफा किया गया है।

सेक्टर के हिसाब से बढ़ोतरी : उन्होंने बताया कि सेक्टर की कैटेगरी और प्लॉट साइज के हिसाब से दरों में वृद्धि की है। धार्मिक स्थल और दूध/सब्जी बूथ आदि की श्रेणीवार दरें निर्धारित की गई हैं। प्राधिकरण ने अभी केवल दर की जानकारी प्रतिशत में दी है। विस्तृत दर जल्द ही जारी की जाएगी।

आपरियोजनाओं की प्रगति जानी : चेयरमैन ने इस दौरान गंगाजल समेत ग्रेटर नोएडा की अहम परियोजनाओं की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देखी। उन्होंने सभी जगहों पर गंगाजल पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण की विगत बोर्ड बैठक में पास प्रस्तावों की अनुपालन रिपोर्ट को भी देखा।

आवंटन दर में बदलाव

श्रेणी                           वर्तमान आवंटन दर        वृद्धि के बाद

आवासीय                              39000                       44850

ग्रुप हाउसिंग                          45000                       51750

संस्थागत                               22500                       25875

आईटी                                  30000                       31326

औद्योगिक                             25000                        26105

व्यावसायिक                         75000                         86250

बकाया न देने पर आवंटन रद्द होगा
ग्रेटर नोएडा के प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आवंटियों पर बकाया धनराशि की समीक्षा की गई। जो भी आवंटी बकाया धनराशि नहीं दे रहे हैं, उनका आवंटन निरस्त होगा। वे चाहे बिल्डर हों, उद्यमी हों या फिर अन्य कोई आवंटी हों। उनसे जमा धनराशि की नियमानुसार कटौती करते हुए वापस किया जाए। प्राप्त भूखंडों को नई स्कीम में शामिल करते हुए आवंटित किया जाए। सीईओ ने बताया कि सभी विभागों के टॉप 50 आवंटियों को चिंहित किया गया है। उनको नोटिस जारी कर आवंटन निरस्त किया जा रहा है।

तीन साल में भुगतान की अनुमति मिली
बोर्ड ने वाणिज्यिक भूखंड के आवंटन के एवज में एकमुश्त भुगतान की बाध्यता को खत्म कर दिया। अब इसके आवंटी तीन साल की किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। पिछले दिनों प्राधिकरण सीईओ रितु माहेश्वरी के साथ बैठक में निवेशकों ने यह मांग उठाई थी। सीईओ ने यह एजेंडा बोर्ड में रखा, जिसे स्वीकार कर लिया। इससे ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दौरान एमओयू करने वाले निवेशक भूखंड ले सकेंगे।

अधिक बोली लगाने वालों की राशि वापस होगी
प्राधिकरण की औद्योगिक और आवासीय योजना में अतिश्योक्तिपूर्ण बोली लगाने वाले आवंटियों की ईएमडी धनराशि लौटाने की बोर्ड ने अनुमति दे दी है। आवासीय योजना एलओपी 003/2023 में नौ ऐसे आवंटी हैं जिन्होंने सीमा से अधिक बोली लगाई थी।

तोहफा : किसानों को 4125 रुपये की दर से मिलेगा मुआवजा
ग्रेटर नोएडा के किसानों को प्राधिकरण ने तोहफा दिया है। प्राधिकरण ने सहमति से जमीन देने वाले किसानों के लिए 2023-24 में मुआवजे की मौजूदा दर में 10 फीसदी की वृद्धि कर दी है। वर्तमान में मुआवजे की दर 3750 रुपये थी, जिसमें 375 रुपये की वृद्धि करते हुए 4125 रुपये तय कर दिया गया है। इसके अलावा किसानों को अन्य लाभ नहीं मिलेंगे। उन्हें आबादी का भूखंड नहीं मिलेगा।