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महिलाओं के दिल को हद से ज्यादा बीमार बना रही है शराब, नई स्टडी में चौंकाने वाला दावा

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महिलाओं के दिल को हद से ज्यादा बीमार बना रही है शराब, नई स्टडी में चौंकाने वाला दावा
Heart Disease Risk In Women Due To Alcohol: शराब पीना वैसे तो महिला और पुरुष दोनों के लिए बुरा है, लेकिन नई रिसर्स लड़कियों को जरूर टेंशन में ला देगा. एक नई स्टडी में ये दावा किया गया है कि पुरुषो की तुलना में शराब महिलाओं को ज्यादा बीमार कर रहा है. आंकड़ों से पता चलता है कि उन्हें हार्ट डिजीज का खतरा काफी बढ़ सकता है. इसलिए बेहतर है कि इस बुरी लत से तौबा की जाए.
 

महिलाओं को शराब पीने से हार्ट डिजीज
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (American College of Cardiology) के सालाना साइंटिफिक सेशन में ये स्टडी पेश की जाएगी. इसमें साल 2014 और 2015 के बीच कैसर परमानेंट नॉर्थ कैलिफोर्निया (Kaiser Permanente Northern California) के इंटीग्रेटेड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन में हेल्थ केयर हासिल करने वाले 430,000 से ज्यादा लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिन्हें दिल की बीमारी नहीं थी. प्राइमरी केयर के दौरान प्रतिभागियों की शराब के सेवन के बारे में जानकारी जुटाई गई थी, जिसमें रिसर्चर्स ने उस डेटा की तुलना 4 साल के फॉलोअप पीरियड के दौरान कोरोनरी हार्ट डिजीज के डाइग्नोसिस से की थी.

कैसे की गई रिसर्च?
स्टडी पीरियड के दौरान, 3,108 प्रतिभागियों को कोरोनरी हार्ट डिजीज का पता चला था, और शराब के सेवन के उच्च स्तर के साथ खतरे का लेवल ज्यादा था. महिलाओं में, जिन लोगों का शराब का सेवन अधिक था (एक हफ्ते में 8 या इससे ज्यादा ड्रिंक), उनमें दिल की बीमारियों का खतरा उन लोगों की तुलना में 45 फीसदी अधिक था, जिन्होंने कम सेवन (हर हफ्ते 1 या 2 ड्रिंक) की बात कबूली थी. जिन महिलाओं का शराब का सेवन अधिक था, उनमें मॉडरोट ड्रिंक करने वालों की तुलना में 29% अधिक जोखिम था, जिन्होंने एक हफ्ते में 3 से 7 बार ड्रिंक की थी.

महिलाओं में, जो लोग 'बिंज-ड्रिंकिंग' की कैटेगरी में आती थीं, उनमें हृदय रोग विकसित होने का खतरा उन महिलाओं की तुलना में 68% अधिक था, जिन्होंने बताया कि वो मॉडरेट ड्रिंकिंग करती थीं. 'बिंज-ड्रिंकिंग' का मतलब एक ही दिन में 3 या इससे ज्यादा बार शराब पीना.


पुरुषों को भी खतरा
इस स्टडी में महिलाओं को होने वाले खतरों में सबसे बड़ा उछाल पाया गया, लेकिन अधिक शराब पीने पर पुरुषों में हार्ट डिजीज का रिस्क अभी भी ज्यादा था. इसका मतलब है कि पुरुषों को बिलकुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, क्योंकि हर साल हार्ट डिजीज से मरने वाले पुरुषों की संख्या काफी ज्यादा है.