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कहीं प्यार तो कहीं कोड़े; पाकिस्तान में हामिद संग हुआ जानवरों जैसा बर्ताव, भारत में सीमा बनी 'स्पेशल गेस्ट'

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कहीं प्यार तो कहीं कोड़े; पाकिस्तान में हामिद संग हुआ जानवरों जैसा बर्ताव, भारत में सीमा बनी 'स्पेशल गेस्ट'
नेपाल के रास्ते अपने प्रेमी से मिलने भारत आई पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर को लेकर हर तरफ चर्चा है। सीमा को भारतीय मीडिया ने सेलिब्रिटी बना दिया है। उसे स्पेशल गेस्ट की तरह ट्रीट किया जा रहा है। हालांकि, सीमा हैदर जांच एजेंसियों के सवालों के घेरे में है, इस सभी बातों से बेफिक्र सीमा नोएडा के रहने वाले अपने प्रेमी के साथ खुशी के पल साझा कर रही है और इंटरव्यू पर इंटरव्यू दे रही है। सीमा के साथ एक मेहमान जैसा बर्ताव किया जा रहा है। मगर अपने प्यार की तलाश में ठीक इसी तरह पाकिस्तान गए हामिद अंसारी की किस्मत सीमा हैदर की तरह अच्छी नहीं थी। 


फेसबुक पर मिले प्यार को मुकम्मल करने के लिए हामिद को 2012 में अफगानिस्तान से अवैध रूप से पाकिस्तान में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कथित तौर पर वह एक लड़की से मिलने गए थे जिससे उन्होंने ऑनलाइन दोस्ती की थी। पाकिस्तान में अधिकारियों ने उन पर जासूसी के आरोप लगाए थे।

मुंबई के वर्सोवा के निवासी हामिद अंसारी ने पहले संवाददाताओं से कहा था कि वह लड़की से मिलना चाहते हैं क्योंकि वह संकट में थी। अपने साथ हुए  गलत बर्ताव का जिक्र करते हुए हामिद ने कहा, "उसने (पाकिस्तानी महिला ने) मदद मांगी और मैंने वीजा की तलाश शुरू कर दी। वहां पाकिस्तान से आए कुछ लोग थे, जिन्होंने खुद को दोस्त बताया और कहा कि वे मदद करेंगे। मैंने दिमाग से नहीं दिल से सोचा। उन्होंने मुझसे अफगानिस्तान से होकर आने को कहा। उन्होंने मेरी जेब में फर्जी आईडी और दस्तावेज रखे।"

उन्होंने कहा कि लड़की के घर पहुंचने और उन्हें गिरफ्तार करने से पहले पुलिसकर्मी उनका इंतजार कर रहे थे। हामिद ने बताया कि जिस क्षण उन्हें गिरफ्तार किया गया, उन्हें लगा कि वह बर्बाद हो गए हैं। उस पल उन्होंने सोचा कि वह कभी घर नहीं जा पाएंगे लेकिन फिर जैसे-जैसे समय बीतता गया उन्हें उम्मीद होने लगी कि वह एक न एक दिन घर जाएंगे। उन्होंने कहा, ''पहले तीन साल मैंने अकेले बिताए, कभी-कभी वे मुझे खाना देते थे तो कभी नहीं देते थे। मेरे मन में यह प्रेरणा थी कि मुझे घर वापस जाकर अपने माता-पिता की सेवा करनी है। मैंने उन्हें बहुत दुख दिया है और यही मेरा पश्चाताप होगा।"

15 दिसंबर, 2015 को एक सैन्य अदालत की तरफ से सजा सुनाए जाने के बाद हामिद अंसारी को पेशावर सेंट्रल जेल में कैद कर दिया गया था। रिपोर्ट की मानें तो इस दौरान हामिद पर पाकिस्तानी जेल में कोड़े बरसाए गए थे। एक दफा हामिद अंसारी ने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बातचीत की और अपनी आपबीती सुनाई। खुद से साथ हुए बर्ताव को याद करते समय हामिद के गालों पर आंसू छलक पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, अंसारी पाकिस्तान में झेले गए कठिन दौर के बारे में बताते हुए भावुक हो गए। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारत ने अंसारी तक राजनयिक पहुंच की मांग करते हुए पाकिस्तान को 96 नोट वर्बेल जारी किए। उन्होंने कहा कि उन्हें रिहा करने का निर्णय नई दिल्ली के लगातार दबाव के कारण ही लिया गया।