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Train Accident हो जाए तो कैसे पाएं मुआवजा? ओडिशा रेल हादसे के बीच जानें खास बात

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Train Accident हो जाए तो कैसे पाएं मुआवजा? ओडिशा रेल हादसे के बीच जानें खास बात

Train Accident Claim: ओडिशा (Odisha) के बालासोर (Balasore) में भीषण ट्रेन हादसा (Train Accident) हो गया है. इस दुर्घटना में 288 लोगों की मौत हो गई है वहीं, 900 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान भी किया गया है. केंद्र की तरफ से मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई है. इसके अलावा तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की सरकार ने भी इस हादसे का शिकार हुए अपने राज्य के लोगों के लिए राहत राशि का ऐलान किया है. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आपका ट्रेन में यात्रा कदौरान एक्सीडेंट हो जाए तो उसका क्लेम कैसे लेना है? किन परिस्थितियों में आपको क्लेम मिलेगा और किनमें नहीं? आइए इन अहम प्वाइंट्स के बारे में जानते हैं.

किन परिस्थितियों में मिलता है मुआवजा?
जान लें कि जब आप रेलवे स्टेशन के अंदर कदम रखते हैं तभी से रेलवे की जिम्मेदारी शुरू हो जाती है. रेलवे स्टेशन पर आपको कुछ भी होता है तो रेलवे उसका मुआवजा देती हैं. हालांकि, यात्री अपने सामान के खुद जिम्मेदार होते हैं. इसके खोने या चोरी हो जाने की रेलवे की जिम्मेदारी नहीं होती है.

क्या कहता है रेलवे एक्ट?
रेलवे एक्ट 1989 की धारा 124 के मुताबिक, अगर किसी यात्री के साथ दुर्घटना हो या उसकी मौके पर ही मौत हो जाए तो मुआवजा दिया जाता है.

किन हालात में मौत पर मुआवजा?
बता दें कि साल 2018 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, अगर यात्री की ट्रेन में यात्रा के दौरान, यात्री पूरी होने के बाद ट्रेन से उतरते समय और स्टेशन परिसर में अगर मौत होती है तो उसके परिजनों को मुआवजा मिलता है.

खुद ट्रेन के आगे आने वालों को क्या मिलता है मुआवजा?
नहीं, जो भी लोग रेलवे स्टेशन पर या ट्रेन के सामने आकर अपनी जिंदगी खत्म कर लेते हैं उनके परिजनों को किसी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं मिलता है. उलटा अगर अपनी जिंदगी खत्म करने का प्रयास करते वक्त अगर कोई बच जाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होता है क्योंकि भारत में अपनी जान देना अपराध है.

बिना टिकट यात्रा करने पर क्या मिलेगा मुआवजा?
साल 2018 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ये भी कहा गया था कि सिर्फ टिकट नहीं होने पर किसी यात्री या उसके परिजनों को मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता है. हालांकि, मुआवजा के क्लेम को क्लियर करने के लिए परिजनों को यात्रा से संबंधित दस्तावेज दिखाने होंगे.

स्टेशन या ट्रेन में नैचुरल डेथ पर मुआवजा?
अगर ट्रेन में या स्टेशन परिसर में किसी शख्स की नेचुरल डेथ हो जाती है तो उसके परिजनों को कोई मुआवजा नहीं मिलता है. ऐसा इसलिए क्योंकि मौत रेलवे की वजह से नहीं हुई है.