Haryana News

Biparjoy Cyclone: 'महातूफानी' टक्कर से पहले कैसी हैं तैयारियां? जानिए और कितना बचा है वक्त

 | 
Biparjoy Cyclone: 'महातूफानी' टक्कर से पहले कैसी हैं तैयारियां? जानिए और कितना बचा है वक्त

Biporjoy Cyclone Live Map: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान लगाया है कि गुरुवार की देर रात गुजरात के जखाऊ बंदरगाह के नजदीक बिपरजॉय की टक्कर होगी. इसके चलते राहत-बचाव कार्य को लेकर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के अलावा सेना, वायुसेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने भी कमर कस ली है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान हवा की अधिकतम स्पीड 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इस क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर आठ तटीय जिलों से करीब 1 लाख लोगों को निकाला गया है.

एक अधिकारी ने कहा है कि सेना ने भुज, जामनगर, गांधीधाम के साथ-साथ नलिया, द्वारका और मांडवी में अग्रिम स्थानों पर 27 राहत टुकड़ियां तैनात की हैं. वायुसेना ने वड़ोदरा, अहमदाबाद और दिल्ली में एक-एक हेलीकॉप्टर को तैयार रखा है. नौसेना ने बचाव और राहत के लिए ओखा, पोरबंदर और बकासुर में 10-15 टीम को तैनात किया है, जिनमें से प्रत्येक में पांच गोताखोर और अच्छे तैराक शामिल हैं. 

आईएमडी (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया शाम को शुरू होगी और आधी रात तक जारी रहेगी. वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि चक्रवात की वजह भारी वर्षा होगी और 2-3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं. चक्रवात के टकराने से कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और मोरबी जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका है. राज्य सरकार ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 8 जिलों में कुल 1,521 आश्रय गृह बनाए गए हैं.

आईएमडी ने बताया कि शुक्रवार को चक्रवात की तीव्रता कम होने के बावजूद तेज हवाएं चलेंगी. इस बीच, चक्रवात के टकराने से पहले कच्छ, जामनगर, राजकोट, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका और अमरेली के कई हिस्सों में छह घंटे में 10-20 मिलीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की हुई. आईएमडी अधिकारियों ने कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ के अलावा, गुजरात के अन्य जिलों में भी 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही हल्की बारिश हो सकती है. गौरतलब है कि एहतियात के तौर पर 76 ट्रेन को रद्द कर दिया गया है, जबकि 36 को बीच रास्ते में रोक दिया गया है और 31 ट्रेन को केवल चुनिंदा स्टेशन पर संचालित करने का फैसला लिया गया है.