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Haryana: हरियाणा विधानसभा बजट सत्र आज से शुरू, विपक्षी दल इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा, काफी हंगामेदार होगा

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Haryana: हरियाणा विधानसभा बजट सत्र आज से शुरू, विपक्षी दल इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा, काफी हंगामेदार होगा
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र आज हंगामेदार हो सकता है। विपक्षी दल कांग्रेस और इनेलो ने सरकार को घेरने के लिए पहले से पूरी तैयारी कर ली है। वहीं, सत्ताधारी दल ने अपने बचाव और विपक्षियों पर पलटवार के लिए भी पूरी रणनीति तैयार कर रखी है। प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, हरियाणा लोक सेवा आयोग की 50 प्रतिशत अंक और निगेटिव मार्किंग शर्त, बुजुर्ग पेंशन और ओल्ड पेंशन स्कीम और लोहारू कांड समेत कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल सदन में सरकार को घेरेंगे। परिवार पहचान पत्र, प्रापर्टी आईडी, खराब फसलों के मुआवजे समेत दर्जन भर मुद्दे सदन में गूंजेंगे।

सोमवार सुबह 11 बजे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत होगी। इसके बाद शोक प्रस्ताव रखे जाएंगे। 21 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी और 23 फरवरी बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री मनोहर लाल बजट पेश करेंगे। बजट सत्र में सिर्फ आठ दिन सदन की कार्यवाही चलेगी। दूसरे चरण 17 मार्च से शुरू होगा और 22 मार्च तक चलेगा। बजट को लेकर भी सत्ताधारी और विपक्षी नेताओं में तीखी बहस होने के आसार हैं।


विज ने कराया ऑपरेशन, पहली बार सत्र में नहीं होंगे शामिल
बजट सत्र में पहली बार प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज विधानसभा में शामिल नहीं होंगे। अनिल विज के सिर पर पुरानी चोट के कारण एक गांठ बन गई थी। दर्द होने के चलते अब उसका ऑपरेशन कराया गया है। ऑपरेशन के बाद आठ टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों ने विज को एक सप्ताह तक आराम की सलाह दी है। संभावना जताई जा रही है कि मार्च माह में होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में वह शामिल हो सकते हैं।


ई-टेंडरिंग, ओपीएस, गोशालाओं की दुदर्शा और बढ़ते अपराध के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
बजट सत्र को लेकर हरियाणा कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए नए सिरे से रणनीति तैयार की है। ई-टेंडरिंग, ओपीएस की मांग पर कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, लोहारू कांड समेत बढ़ते अपराध, बेरोजगारी और गोशालाओं की दुर्दशा समेत 25 मुद्दों पर चर्चा की गई और अलग-अलग विधायक को मुद्दे उठाने की जिम्मेदारी दी। यहां पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर हुई बैठक में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर मंथन किया गया। 

कुछ दिन पहले हुई विधायकों की बैठक में हुड्डा हिस्सा नहीं ले पाए थे, क्योंकि उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उस समय उप नेता आफताब अहमद ने बैठक ली थी। अब नए सिरे से हुड्डा ने एक एक विधायक से बात की और जोरदार तरीके से मुद्दों को उठाने के लिए कहा। 

हुड्डा ने कहा कि विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायकों ने 2 दर्जन से ज्यादा ध्यानाकर्षण व स्थगन प्रस्ताव दिए हैं। इसके अलावा शून्यकाल के दौरान भी दर्जनों मुद्दों को उठाया जाएगा। इनमें परिवार पहचान पत्र, बुजुर्गों की पेंशन काटने, बीपीएल कार्ड काटने, अवैध खनन, एनजीटी के मामलों, बढ़ते नशे, शिक्षा के निजीकरण, पानी के रेट में बढ़ोतरी, बिजली की किल्लत, सड़कों की जर्जर हालत, मंत्री पर लगे छेड़छाड़ के आरोपों, सफाई कर्मियों को पक्का करने की मांग, सीएजी की रिपोर्ट, सरसों और गेंहू का मुआवजा नहीं मिलना, राइट टू रिकॉल लागू करने, खेलों व खिलाड़ियों के प्रति सरकार का नकारात्मक रवैये और रिहायशी इलाकों में चौथी मंजिल की मंजूरी देने के मुद्दों का उठाया जाएगा।

ओपीएस बहाली के लिए समर्थन में आई कांग्रेस
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ओपीएस बहाली का समर्थन करती है, साथ ही पंचकूला में कर्मचारियों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा करती है। बैठक से पहले ओपीएस के लिए आंदोलनरत कर्मचारियों, प्रदेश के खिलाड़ियों, राशन डिपो धारकों, प्राइवेट कॉलेज के कर्मचारियों, सर्व कर्मचारी संघ और किसानों के प्रतिनिधिमंडलों ने हुड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।