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हरियाणा के लोगों के लिए खुशखबरी, अब घर बैठे करवा सकते है फैमिली आईडी में किसी भी समस्या का समाधान

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हरियाणा के लोगों के लिए खुशखबरी, अब घर बैठे करवा सकते है फैमिली आईडी में किसी भी समस्या का समाधान

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Family ID Card: हरियाणा में एक लाख 80 हजार रुपये से अधिक आय वाले बुजुर्ग पति-पत्नी की आय पेंशन काटे जाने के आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं काटी जाएगी। संभव है कि उनके परिवार पहचान पत्रों में आय एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक से अधिक दिखाई गई हो। ऐसे में सरकार ने लोगों को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्ज की गई आय राशि में सुधार करने का मौका दिया है।

पेंशन कटने के विपक्ष के आरोपों पर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

हरियाणा सरकार ने कहा है कि जिन नागरिकों ने किसी कारणवश परिवार पहचान पत्र में गलत आय की जानकारी दी थी, अब वह इसमें सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि किसी नागरिक ने अपनी पारिवारिक आय त्रुटिवश ज्यादा दर्शाई थी, अब वह इसे कम करने के लिए आवेदन करेंगे। इसके लिए परिवार पहचान पत्र की वेबसाइट https://meraparivar.haryana.gov.in/ पर जाकर रिपोर्ट ग्रीवांस पर क्लिक करने के बाद जरूरी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए अपनी इनकम का विवरण देना होगा।

आय में सुधार के आवेदन व दस्तावेजों की जांच कराएगी प्रदेश सरकार

हरियाणा सरकार ने कहा है कि आवेदक चाहें तो साथ में अपने दावे से संबंधित डाक्यूमेंट भी अटैच कर सकते हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा यह जानकारी सत्यापित करवाई जाएगी। अगर नागरिक द्वारा दी गई जानकारी सही पाई जाती है तो आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे केवल सत्यापित जानकारी ही पीपीपी पोर्टल पर अपलोड करें।

पारिवारिक आय की जानकारी में सुधार न होने के कारण कई नागरिक सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं, जिसके चलते सरकार ने फैसला लिया है कि अब कोई भी नागरिक पीपीपी में दिए विवरण में सुधार के लिए आवेदन कर सकता है और सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकता है।

सत्यापित जानकारी के बाद नहीं मांगा जाएगा कोई दस्तावेज: अमित आर्य

सीएम के मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने बताया कि पीपीपी हरियाणा में प्रत्येक परिवार की पहचान करता है। ऐसे परिवारों को आठ अंकों का परिवार आइडी प्रदान किया जाता है। फैमिली डेटा के आटोमेटिक अपडेशन को सुनिश्चित करने के लिए फैमिली आइडी को बर्थ, डेथ और मैरिज रिकार्ड से जोड़ा गया है।

अमित आर्य ने बताया कि  सरकार फैमिली आइडी से छात्रवृति, सब्सिडी और पेंशन जैसी योजनाओं को जोड़ रही है, ताकि पारदर्शिता, स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके और साथ ही विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी और पेंशन के लाभार्थियों के स्वत: चयन प्रक्रिया को अमल में लाया जा सके। पीपीपी डेटाबेस में डेटा प्रमाणित और सत्यापित हो जाने के बाद किसी लाभार्थी को कोई और दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है।