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बहुचर्चित जूनियर कोच यौन शोषण मामले में मंत्री संदीप सिंह पर कसा शिकंजा, पुलिस की चार्जशीट में खुले चौंकाने राज

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बहुचर्चित जूनियर कोच यौन शोषण मामले में मंत्री संदीप सिंह पर कसा शिकंजा, पुलिस की चार्जशीट में खुले चौंकाने राज
बहुचर्चित जूनियर कोच यौन शोषण मामले में पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह तक पीड़िता की विदेश में ट्रेनिंग की फाइल पहुंचाने पर सवाल उठे हैं। इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट में पूरे प्रकरण का परत दर परत खुलासा हो रहा है। 


चार्जशीट में सवाल उठाया गया है कि पीड़िता को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजने की मंजूरी क्यों नहीं दी गई थी। वहीं खेल विभाग के रिकार्ड और आरोपी के बयानों से सामने आया है कि ग्रुप सी पोस्ट से जुड़ी विदेशी ट्रेनिंग की मंजूरी को आमतौर पर खेल निदेशक के स्तर पर भेजा जाता है। हालांकि पीड़िता के मामले में इसे मंत्री के स्तर तक पहुंचाया गया, इसके पीछे कोई तर्क आधारित स्पष्टीकरण नहीं है। 

पुलिस चार्जशीट के मुताबिक खेल विभाग, हरियाणा से प्राप्त रिकार्ड समेत आरोपी तथा खेल निदेशक के बयानों में सामने आया है कि ओएसपी कोचों के पुराने बैच की पोस्टिंग संबंधित जगह पर जरूरत/वरीयता के हिसाब से होती थी। ऐसे में यह पहली बार हुआ था कि ग्रुप सी के ओएसपी कोचों को उनके मूल स्थान पर पोस्टिंग दी जा रही हो। 

इस सूची में एक कोच को उसकी वरीयता के आधार पर पोस्टिंग दी गई थी। वहीं अंतिम पोस्टिंग जरूरत के हिसाब से थी। इसके बाद ग्रुप सी पोस्ट के लिए पोस्टिंग फाइल को संबंधित विभाग के मंत्री के स्तर तक पहुंचा दिया गया जो हरियाणा सरकार के खेल एवं युवा मामले के 10 जनवरी, 2020 के स्टैंडिंग आर्डर के तहत नहीं थी। वहीं तत्कालीन खेल निदेशक पंकज नैन ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि आरोपी संदीप सिंह ने उन्हें पीड़िता की पोस्टिंग की फाइल उन्हें भेजने को कहा था।

फाइल में फ्लूड की मार्किंग पाई गई
मामले से जुड़ी संबंधित फाइल में फ्लूड की मार्किंग दिखी है जिसके बाद फाइल को मंत्री तक पहुंचाया गया था। वहीं डीलिंग असिस्टेंट के मुताबिक उसने खेल निदेशक को फाइल मार्क की थी। उसने अनभिज्ञता जताई कि कैसे, क्यों और किसने फ्लूड से बदलाव किया था। ऐसे नियम के लिए कोई लिखित पॉलिसी नहीं है जिसके आधार पर पीड़िता की विदेशी ट्रेनिंग की मंजूरी लेकर अस्वीकृति दी जाए। इसे संदीप सिंह ने भी स्वीकार किया है। इसके अलावा यह भी स्थापित नहीं हुआ कि क्यों ग्रुप सी पोस्ट के लिए विदेशी ट्रेनिंग की मंजूरी को मंत्री के स्तर तक भेजा गया था।

गुरजिंदर के जरिए पीड़िता से संपर्क करने का प्रयास किया
पुलिस चार्जशीट के मुताबिक पीड़िता 28 दिसंबर, 2022 को आरोपी के घर गई थी जिसमें उसने मांग की थी कि उसका पंचकूला में तबादला कर दिया जाए। बता दें कि पीड़िता का झज्जर में तबादला कर दिया गया था। शुरुआत में आरोपी ने इसके लिए इंकार कर दिया था वहीं जब उसी दिन पीड़िता ने राज्य के गृह मंत्री से मिलने का प्रयास किया तो आरोपी ने अपने तरीके से परे जाकर पीड़िता को निजी रूप से बुलाया ताकि उसे बता सके कि उसे उसकी इच्छा मुताबिक पोस्टिंग मिल जाएगी और कहा कि वह न घबराए। इससे पहले आरोपी ने गुरजिंदर के जरिए भी पीड़िता से संपर्क करने का प्रयास किया था। आरोपी के फोन से फोरेंसिक साईंस लैब ने कॉल को निकाला था। इसके बाद उसने खेल निदेशक को कहा कि सभी ओएसपी रिक्रूट को वहां ट्रेनिंग के लिए भेजा जाए जहां वह चाहते हैं। इससे प्रतीत होता है कि यह पीड़िता को शांत करने का एक प्रयास था।