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अंगुली की रेखाओ में उलझी दो बहनों की किस्मत दोनों का एक ही आधार कार्ड, जानिए क्या है पूरा मामला

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मोबाइल में फिंगरप्रिंट नहीं मिलता और कंप्यूटर पर एक समान

पूजा और सुषमा दो सगी बहनों के बीच अजब संयोग है | जुड़वां या सगी बहनों और भाइयों की शक्ल सूरत तो कई बार समान हो जाती है पर यहां इन दोनों बहनों का अलग ही मामला है इनके फिंगरप्रिंट एक समान है लोहारू के गांव की इन दो सगी बहनों के फिंगरप्रिंट समान होने से इनको मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है इनके पिता हुकम सिंह लोहारू जिला मुख्यालय भिवानी और चंडीगढ़ के वर्ष 2013 से चक्कर लगा रहे हैं आज तक दोनों बहनों के आधार कार्ड अलग-अलग नहीं बन सके इनका राशन कार्ड भी इसके चलते बंद कर दिया गया है आधार कार्ड सब जगह लिंक होता है और इन दोनों बहनों में से एक ही बनवा सकती है फिंगरप्रिंट एक होने के चलते कंप्यूटर एक का ही डाटा उठाता है


मोबाइल में फिंगरप्रिंट नहीं मिलता और कंप्यूटर पर एक समान 
दोनों बहनों ने बताया कि मोबाइल पर उनका फिंगरप्रिंट नहीं मिलता जब आधार कार्ड बनाने के लिए जाते हैं तो कंप्यूटर समान फिंगरप्रिंट दर्शाता है इसके चलते उनके जरूरी काम अटके हैं दोनों बहने बैंक में खाता नहीं खुलवा सकती आधार के बिना फार्म नहीं भर सकती पैन कार्ड नहीं बन रहा आजकल आधार सब जगह लिंक है ऐसे में आधार नहीं बनने से उनके जरूरी काम अटके हैं


पिता बोले - दोनों बेटियों का एक ही आधार कार्ड कैसे काम चले 
पिता हुकम सिंह कहते हैं कि बड़ी बेटी पूजा का जन्म 18 मई 2003 को हुआ और छोटी बेटी सुषमा का जन्म 31 जुलाई 2004 का है इन दोनों का आधार कार्ड का नंबर एक ही है दोनों की अलग-अलग आधार कार्ड बनाने के लिए कई बार प्रयास कर चुका हूं लेकिन फिंगरप्रिंट एक होने की वजह से आज तक नहीं बन पाया है लोहारू भिवानी और चंडीगढ़ मुख्यालय के चक्कर लगा चुका हूं 27 अगस्त 2021 और इसके बाद 11 मई 2022 को सीएम विंडो में भी शिकायत लगा चुका हूं लेकिन समाधान नहीं हो पाया है फिलहाल बड़ी बेटी पूजा ने लोहारू के चौधरी बंसीलाल गर्ल्स कॉलेज में बीएससी की है छोटी बेटी सुषमा इसी कॉलेज में बीए. कर रही है दाखिला भी इसकी तरह कराया है इसमें भी दिखते आ रही है