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हरियाणा में अब होमगार्ड्स को भी बनाया जाएगा पुलिस की तरह जाबांज, इन जिले में खोला जाएगा ट्रेनिंग केंद्र

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हरियाणा में अब होमगार्ड्स को भी बनाया जाएगा पुलिस की तरह जाबांज, इन जिले में खोला जाएगा ट्रेनिंग केंद्र

हरियाणा के होमगार्ड्स विभाग में गृह मंत्री ने जो निर्देश जारी किए हैं उनके अनुसार कुछ परिवर्तन किए जा रहे हैं. एक तरफ तो Duty लगाने और बाकी कईं प्रकार के कार्य पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित होंगे जबकि दूसरी तरफ़ आने वाले दिनों में Home Guards भी आधुनिक ट्रेनिंग लेंगे. इसी लिए राज्य के अंदर बसताड़ा गांव पंचायत की जमीन में एक स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर खोलने को लेकर पूरी तैयारियां कर ली गई है. Training Center के लिए 40 एकड़ जमीन के लिए पंचायत ने मंजूरी भी दे दी है. जिसके बाद पंचायत विभाग ने जमीन लेने की Process भी शुरू कर दी है. विज का कहना है कि होमगार्ड में हर माह काम देने, ड्यूटी लगाने में हेरा फेरी हुआ करती थी, Manual काम होने के कारण भ्रष्टाचार (Corruption) की शिकायतें भी सामने आई थी. इस कारण अनिल विज ने आदेश दिया कि अब यह सब कार्य मैनुअल न होकर कंप्यूटर से किया जाएगा.

कंप्यूटर आधारित कार्य होने से कम होगा भ्रष्टाचार

दूसरी तरफ गृहमंत्री चाहते हैं कि होमगार्ड की ट्रेनिंग भी पुलिसकर्मियों की तरह होनी चाहिए ताकि उन्हें भी आधुनिक तकनीकों का ज्ञान हो तथा समस्या आने पर वह भी काम आ सके. इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों में अच्छे ट्रेनिंग होने के बाद काम मिलने में भी सरलता रहेगी, गृह विभाग चाहता है कि राज्य सरकार के कईं विभागों में होमगार्ड को ज्यादा से ज्यादा काम मिले और इसीलिए वह इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है. यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो इसी के लिए स्वयं होमगार्ड देशराज सिंह काम करने में जुटे है. हरियाणा में अब होमगार्ड रखने और उनको ड्यूटी देने में भाई भतीजावाद, और इसी कारण होने वाले भ्रष्टाचार संबंधित मामलों में थोड़ी रोक लगी है. क्योंकि अब सारा काम कंप्यूटर के माध्यम से हो रहा है. नई व्यवस्था में कमाडेंट अपने स्तर पर होमगार्ड को नियुक्त नहीं कर सकता, उनकी ड्यूटी परिवर्तित करना, एक जगह से दूसरी जगह जाना इत्यादि काम भी मैनुअल नहीं हो रहे हैं.


व्यवस्था में हुआ व्यापक परिवर्तन

डीजी होमगार्ड देशराज सिंह का कहना है कि हमने व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया है. शीघ्र ही ट्रेनिंग भी एडवांस तरीके से होगी. हम तो ड्रेस भी बदलने के बारे में सोच रहे हैं. इस क्रम में डीजी होमगार्ड ने गृहमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर बैठक की. गृहमंत्री विज खुद इन्हें अच्छी वर्दी, बेहतर मानदेय, आधुनिक प्रशिक्षण दिलाना चाहते हैं.

ऑनलाइन सिस्टम होगा ज्यादा पारदर्शक
अनिल विज का कहना है कि करीब 40 एकड भूमि में कम्बाईंड प्रशिक्षण संस्थान को स्थापित करने के लिए 35 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है. राज्य के सभी होमगार्ड स्वयसेवकों का रिकार्ड Digitized किया है और अब ये परिवार पहचान पत्र योजना का भाग है. विज ने कहा कि होमगार्ड के स्वयं सेवको को विभिन्न सुविधाएं देने लिए विभिन्न स्तरों पर विचार किया जा रहा है. होमगार्ड के स्वयंसेवकों को भी पुलिस कर्मचारियों के बराबर सुविधाएं प्राप्त हो सके. हमने ऑनलाईन Duty Roaster System शुरू किया है. होमगार्ड के करीबन 12 हजार स्वयंसेवक हैं और डयूटी में ऑनलाईन सिस्टम आने से पारदर्शिता आएगी.