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हरियाणा की महिला सरपंच हुई फरार, बर्खास्ती को लेकर DC को सौंपी शिकायत; जाने क्या मामला

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हरियाणा की महिला सरपंच हुई फरार, बर्खास्ती को लेकर DC को सौंपी शिकायत; जाने क्या मामला

हरियाणा में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से सरपंच का चुनाव जीती ढाणी मिरदाद की दुर्गी देवी ने पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए हिसार अदालत में अपनी जमानत याचिका दायर की है। दुर्गी देवी ने 5 दिसंबर को जमानत लगाई है और इस मामले में अब कोर्ट में सुनवाई 7 दिसंबर को है। महिला सरपंच पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र से चुनाव लड़ने पर केस दर्ज है। फरार होने के बावजूद वह गांव में 3 दिसंबर को सार्वजनिक जगह पर आयोजित कार्यक्रम में शपथ ग्रहण कर गई।

दुर्गी देवी शपथ लेते हुए

दुर्गी देवी के फर्जी प्रमाण पत्रों का भंडाभोड़ करने वाले शिकायकर्ता पुनीत इंदौरा उसकी बर्खास्ती को लेकर हिसार डीसी उत्तम सिंह को शिकायत दी है। डीसी ने जल्द ही कारवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही ग्रामीण डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा को भी मिल चुके हैं। डिप्टी स्पीकर ने ग्रामीणों को कारवाई का भरोसा दिया है। फरार सरपंच को गिरफ्तार करने के लिए बरवाला पुलिस की एक टीम ने सोमवार को उसके घर पर दबिश भी की। परंतु वह नहीं मिली। जिसके बाद पुलिस वापिस लौट आई।

गांव में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल लोग

BC- A जाति का बनाया था फर्जी सर्टिफिकेट

शिकायत कर्ता पुनीत इंदौरा ने 14 नंवबर को पुलिस में शिकायत दी थी कि महिला दुर्गी देवी ने एससी जाति की होने के बावजूद BC-A का सर्टिफिकेट बनवाकर गांव में सरपंच पद के लिए आवेदन किया। दुर्गी देवी गांव के युवक सोमबीर के साथ लव मैरिज करके करीब 4 साल पहले आई थी। सोमबीर की जाति धानक है जो कि एससी कैटेगरी में आती है। दुर्गी देवी ने अपने पिता अशोक की फैमिली आईडी में भी अपनी जाति कैटेगरी एससी दशाई हुई है। शादी के बाद दुर्गी देवी ने अपने ही गांव के सरपंच व पटवारी के साथ साजबाज होकर अपने नाम से एक OBCकैटेगरी में नायक जाति का सर्टिफिकेट बनवा लिया था और अब आरोपियों ने दोबारा से अपना एक ओर नया OBC का सर्टिफिकेट अपने गांव के सरपंच व पटवारी से साजबाज होकर बना लिया।

BC-A के लिए पद था आरक्षित

पुनीत इंदौरा ने बताया कि सरपंच पद के लिए हमारे गांव ढाणी मिरदाद में BC- A कैटेगरी की रिजर्वेशन आई थी। दुर्गी देवी ने पति सोमबीर और सतीश उर्फ दीपू के साथ साजबाज होकर गांव में सरपंच पद के लिए आवेदन किया है। झूठे दस्तावेज लगाकर ओबीसी सर्टिफिकेट की फाइल बनवा ली और किसी सरल केंद्र पर जाकर उसको ऑनलाइन करवा लिया और तहसील कार्यालय बरवाला से एक फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट बनवा लिया। इसी तरह से इन्होंने फैमिली आईडी में भी अपनी जाति बीसीए दिखाई हुई है। जो कि फर्जी तरीके से बनवाई हुई है।