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हरियाणा कोच से छेड़छाड़ मामला, 21 दिन बाद SIT की जांच पड़ी ठंडी, बोलने से बच रहे अधिकारी

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हरियाणा कोच से छेड़छाड़ मामला, 21 दिन बाद SIT की जांच पड़ी ठंडी, बोलने से बच रहे अधिकारी
हरियाणा के राज्यमंत्री संदीप सिंह के खिलाफ चल रही शारीरिक उत्पीड़न मामले की जांच अब ठंडी पड़ गई है। पूरे घटनाक्रम में 21 दिन बीत जाने के बाद ही चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिंग टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अभी तक एसआईटी ने महिला कोच और मंत्री संदीप सिंह से बयान ही लिए हैं। इस दौरान एसआईटी कोच और आरोपी मंत्री से कई घंटे की पूछताछ कर चुकी है लेकिन नतीजे के नाम पर कुछ नहीं है। मामले की जांच को लेकर एसआईटी के सदस्यों ने चुप्पी साध ली है। जांच में क्या सामने आया और महिला के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इन सब सवाल से एसआईटी बचती नजर आ रही है।

हाईप्रोफाइल मामला होने के चलते चंडीगढ़ पुलिस ने महिला की शिकायत मिलते ही इस मामले में डीएसपी पलक गोयल की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की टीम ने महिला कोच को लेकर मंत्री की कोठी पर जाकर सीन रिक्रिएट भी कराया था। साथ ही महिला के कपड़े, फोन आदि जब्त किए हैं। इसी प्रकार, आठ जनवरी को मंत्री संदीप सिंह से थाने में बुलाकर सात घंटे तक पूछताछ की थी और उसके दो फोन जब्त किए थे। 


मंत्री से महिला के एक एक आरोप को लेकर एसआईटी ने पूछताछ की थी लेकिन पूछताछ के 10 दिन बीत जाने के बाद भी एसआईटी की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। बताया जाता है कि महिला कोच और मंत्री के फोन को जांच के लिए फॉरेंसिंक लैब भेजा गया है, वहां से रिपोर्ट कब आएगी, इसको लेकर भी कोई अधिकारी जुबान खोलने को तैयार नहीं है।


रद्द नहीं हुआ है महिला कोच का तबादला, पंचकूला में तैयारी की छूट
मंत्री पर छेड़छाड़ के आरोप लगाने वाली महिला कोच का तबादला अभी तक रद्द नहीं हुआ है। कागजों में महिला का तबादला आज भी झज्जर जिले में ही है। हालांकि, खेल विभाग के अधिकारियों ने महिला कोच समेत अन्य खिलाड़ियों की मांग पर उनको अपने पसंदीदा सेंटर पर तैयारी करने की छूट दी है। फिलहाल महिला कोच दोबारा से पंचकूला में अपनी तैयारी में जुट गई है। खेल विभाग ने ऐसे सभी खिलाड़ियों से आवेदन लिए हैं कि वह किस सेंटर में तैयारी करना चाहते हैं। बता दें कि महिला कोच ने आरोप लगाया था कि उसका तबादला जानबूझकर झज्जर में किया गया है, जबकि वह पंचकूला में ही रहकर अपनी तैयारी करना चाहती है।

यूं चला घटनाक्रम
खेल विभाग में जूनियर महिला कोच ने 29 दिसंबर को मीडिया के सामने आकर संदीप सिंह पर छेड़छाड़ समेत गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद 30 दिसंबर को महिला ने चंडीगढ़ पुलिस को लिखित में शिकायत दी। महिला कोच ने आरोप लगाया था कि उसे मंत्री ने एक जुलाई, 2022 को चंडीगढ़ स्थित अपनी सरकारी कोठी पर बुलाया था। यहां पर दस्तावेज जांच के बहाने उससे छेड़छाड़ की और उसकी टी-शर्ट भी फाड़ दी। 

महिला का आरोप है कि मंत्री उससे इंस्टाग्राम पर चैट करता था। लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने मंत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354बी, 342 और 506 के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद से संदीप सिंह से खेल विभाग वापस ले लिया गया।


कोच लगाती रही आरोप, मंत्री नकारते रहे
इस पूरे प्रकरण में महिला कोच मंत्री पर मौखिक और लिखित तौर पर आरोप लगाती रही है जबकि मंत्री संदीप सिंह सभी आरोपों को नकारते रहे हैं। महिला कोच ये भी आरोप लगा चुकी है कि उसे मंत्री के खिलाफ शिकायत वापस लेने के लिए एक करोड़ रुपये का ऑफर भी दिया गया और धमकियां भी दी गई। मंत्री संदीप सिंह इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक षड़यंत्र करार दे रहे हैं, जबकि महिला कोच का कहना है कि वह इस मामले में कतई पीछे नहीं हटेगी और न्याय की लड़ाई जारी रखेगी।

चंडीगढ़ पुलिस ने महिला आयोग को नहीं दी रिपोर्ट
छेड़छाड़ के आरोपों की जांच रिपोर्ट चंडीगढ़ पुलिस ने 20 दिन बाद भी महिला आयोग को नहीं सौंपी है। आयोग ने चंडीगढ़ पुलिस को इस संबंध में 15 दिन का समय दिया था। अब हरियाणा राज्य महिला आयोग ने दोबारा से चंडीगढ़ पुलिस को रिमाइंडर नोटिस भेजा है। गौर हो कि शुरू में महिला आयोग ने इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया था। आयोग ने महिला कोच के आरोपों को भी नकार दिया था। हालांकि, बाद में महिला कांग्र्रेस और इनेलो की महिला विंग ने ज्ञापन सौंप जांच की मांग की थी। इसके बाद आयोग ने मामले पर संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया था। 

आयोग ने चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी और हरियाणा सरकार द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी से रिपोर्ट तलब की थी। महिला आयोग की रेणु भाटिया ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस को इस मामले में 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा था लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। अब पुलिस को दोबारा से रिमाइंडर नोटिस भेजा है।