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Haryana News: हरियाणा के स्कूलों की प्रार्थना सभा में शामिल होगी गीता, कमेटी की सिफारिश पर बोर्ड ने की तैयारी

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Haryana News: हरियाणा के स्कूलों की प्रार्थना सभा में शामिल होगी गीता, कमेटी की सिफारिश पर बोर्ड ने की तैयारी

सरकार का मानना है कि कुछ वर्ष पहले कुरुक्षेत्र में शुरू की गई गीता श्लोक प्रतियोगिता बड़े पैमाने पर पहुंच गई है। अब लाखों की संख्या में बच्चे गीता जयंती के दौरान इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं। इसी तरह गीता बच्चों के जीवन में शामिल होगी तो वे एक नेक इंसान बनेंगे।

हरियाणा सरकार पाठयक्रम में गीता शामिल करने के बाद अब स्कूलों की प्रार्थना सभा में गीता के श्लोक शामिल करने जा रही है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने यह सिफारिश की है। शिक्षा विभाग ने इसे लागू करने की तैयारी कर ली है। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने अमर उजाला से बातचीत में इसकी पुष्टि की है। 


कमेटी ने कुछ और भी सिफारिशें की हैं, जिन्हें नए सत्र में पाठयक्रम में शामिल किया जा सकता है। कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के भव्य आयोजन से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार गीता के प्रचार-प्रसार के लिए डट गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के दौरान भी सरकार ने गीता के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। 


नैतिक शिक्षा में गीता के पाठयक्रम को शामिल करने के बाद हिंदी विषय में इसके 10 अंक रखे गए हैं। पहलीसे आठ कक्षा तक शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत यह किताबें बंट चुकी थीं लेकिन कक्षा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की किताबें बच्चों ने नहीं खरीदी थीं। इस बार सरकार ने इसका भी समाधान कर दिया है। दरअसल, पहले यह किताबें बच्चों को बोर्ड से खरीदनी पड़ती थी। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को लगता था कि नैतिक शिक्षा की किताब पर पैसे क्यों व्यर्थ करें। इस बार यह किताबें विभाग ने बोर्ड से खरीदकर लाइब्रेरी में रख दी हैं। अब बच्चे यह किताब लाइब्रेरी से मुफ्त लेकर अगले साल पाठयक्रम पूरा होने पर जमा करवा देंगे।

कुरुक्षेत्र से शुरू हुई थी मुहिम
सरकार का मानना है कि कुछ वर्ष पहले कुरुक्षेत्र में शुरू की गई गीता श्लोक प्रतियोगिता बड़े पैमाने पर पहुंच गई है। अब लाखों की संख्या में बच्चे गीता जयंती के दौरान इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं। इसी तरह गीता बच्चों के जीवन में शामिल होगी तो वे एक नेक इंसान बनेंगे।

यह है मंशा: सरकार की मंशा है कि बच्चे स्कूल में सिर्फ इसलिए शिक्षा ग्रहण करने न आएं कि नौकरी हासिल करनी है। स्कूलों में बच्चे शिक्षा के माध्यम से दक्षता प्राप्त करने के लिए आएं।
 
कमेटी ने जो सिफारिशें की हैं उन्हें हम नए सत्र में लागू करेंगे। कुछ नए सुझाव होंगे तो वे भी नए सत्र से ही लागू होंगे। -कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री, हरियाणा।