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Haryana Mukhyamantri Awas Yojana: हरियाणा के CM मनोहर की बड़ी घोषणा, देने जा रहे हैं ये बड़ी सौगात,यहाँ जाने

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Haryana Mukhyamantri Awas Yojana: हरियाणा के CM मनोहर की बड़ी घोषणा, देने जा रहे हैं ये बड़ी सौगात,यहाँ जाने 
हरियाणा में वंचितों व जरूरतमंदों के सिर पर छत मुहैया करवाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर हरियाणा सरकार की ओर से अलग से मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सर्वे किया जा रहा है और जिनके पास आवास नहीं हैं, ऐसे पात्र लाभार्थियों को आवास प्रदान किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज महाराजा शूर सैनी की जयंती के अवसर पर हिसार में सैनी सीनियर सैकेंडरी स्कूल के प्रांगण में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उपस्थित जन समूह को चंडीगढ़ से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए की।

इस अवसर पर उन्होंने सैनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के जीर्णोद्धार व नव निर्माण के लिए अपने ऐच्छिक कोष से 31 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता व विधानसभा उपाध्यक्ष  रणबीर गंगवा की ओर से 11-11 लाख रुपये देने की घोषणा की।


इसके अलावा, उन्होंने सैनी समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर विचार करते हुए कहा कि प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले के नाम पर शिक्षण संस्थान का नाम रखा जाएगा। इसके लिए समाज के लोग व प्रतिनिधि जिस शहर या क्षेत्र में कॉलेज या स्कूल का नाम रखने के लिए सरकार को बताएंगे, उस शिक्षण संस्थान का नाम सावित्री बाई फूले के नाम पर रख दिया जाएगा।

 मनोहर लाल ने धर्मशाला के लिए जमीन देने की मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि समाज के लोगों को आवेदन करना होगा और नियमानुसार धर्मशाला के लिए प्लॉट आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा, अन्य मांगों पर भी विचार कर उन्हें पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा शूरसैनी जयंती पर यह दूसरा राज्य स्तरीय समारोह है। इससे पहले वर्ष 2020 में कुरुक्षेत्र में पहले राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि महाराजा शूरसैनी बहुत ही प्रतापी, वेदों के ज्ञाता, न्यायप्रिय, धर्मात्मा एवं प्रजापालक राजा थे। उनके राज्य में पूर्ण समाजवाद था। उन्हीं के नाम पर शूरसैनी प्रदेश मथुरा के पास का इलाका कहलाया। उन्हीं के नाम पर सौर सैनी भाषा और उन्हीं से आगे चलकर शूरसैनी वंश चला और सैनी जाति का जन्म हुआ। शूरसैनी जाति की प्रशंसा न सिर्फ इतिहास में मिलती है, बल्कि महाभारत में भी शूर सैनियों का यश गाया गया है। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि हर वर्ष इस प्रकार के राज्य स्तरीय समारोह अवश्य आयोजित करें।