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Haryana: मंत्री संदीप सिंह छेड़छाड़ मामले में रो पड़ी महिला कोच, बोली- लगता है मैं ही अपराधी हू, मंत्री की जल्द हो गिरफ्तारी

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Haryana: मंत्री संदीप सिंह छेड़छाड़ मामले में रो पड़ी महिला कोच, बोली- लगता है मैं ही अपराधी हू, मंत्री की जल्द हो गिरफ्तारी

छेड़छाड़ मामले में राज्य मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ बयान दर्ज कराने शिकायतकर्ता महिला कोच बुधवार को सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत पहुंची। करीब ढाई घंटे बाद जब वह कोर्ट रूम से बाहर आई तो उनकी आंखों में आंसू थे। कहा कि मैं इतनी घबराई हुई हूं कि मुझे ऐसा लगने लगा है कि मैं ही गुनहगार हूं।

संदीप सिंह के खिलाफ बयान दर्ज कराने के लिए पीड़ित महिला कोच बुधवार सुबह 10 बजे जिला अदालत पहुंचीं। वह सीधे तेजप्रताप सिंह बाजवा की अदालत में पेश हुईं। सुबह साढ़े दस बजे बंद कमरे में बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस मौके पर उनके वकील कोर्ट रूम के बाहर मौजूद रहे। करीब ढाई घंटे बाद वह कोर्ट रूम से बाहर निकलीं। 


उन्होंने कहा कि इस केस में पांचवीं बार उनके बयान दर्ज हुए हैं। लगातार पांच से सात घंटे बिना आराम किए वह बयान दे रही हैं। जितना हो पा रहा है, वह जांच में सहयोग कर रही हैं। इतना ही नहीं पुलिस के कहने पर अपना मोबाइल फोन भी जमा करा दिया है लेकिन संदीप सिंह का मोबाइल फोन अब तक जब्त नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले संदीप सिंह को मंत्री पद से हटाया जाए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। सुबह पुलिस के संदीप सिंह के घर जाने के बारे में उन्होंने कहा कि पुलिस पहले ही देरी कर रही है। अब तक तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए था। 

संदीप का फोन क्यों नहीं किया जब्त: वकील
पीड़ित महिला कोच के वकील दीपांशु बंसल ने कहा कि पीड़िता पहले दिन से हर जानकारी पुलिस को दे रही है। अब यह काम पुलिस का है। जब शिकायत के अनुसार धारा 376 और 511 के तहत केस दर्ज किया गया है तो अब तक संदीप सिंह को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? पीड़िता का फोन तो जब्त कर लिया गया लेकिन संदीप सिंह का फोन तो उनके पास ही है। उन्होंने कहा कि अब तक कई सबूत नष्ट कर दिए गए होंगे।

‘हरियाणा सरकार ने किस आधार पर बनाई एसआईटी’ 
वकील दीपांशु बंसल ने कहा कि इस केस को लेकर हरियाणा सरकार ने जो एसआईटी बनाई है, वह किस आधार पर बनाई है। हरियाणा पुलिस ने पीड़िता पर इतना अधिक दबाव बना दिया कि वह अपनी बात ही न रख पाए। गृह मंत्री अनिल विज के दखल के बाद एसआईटी का प्रभाव कम हुआ। वकील ने कहा कि इस केस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बयान दिया है कि किसी ने अगर आरोप लगा दिया तो वह दोषी नहीं हो जाता, यह गैर जिम्मेदारी भरा बयान है।