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Haryana: करनाल मेडिकल कॉलेज में यौन प्रताड़ना की शिकायत के बाद जांच समिति की बैठक आज, जाने क्या है मामला

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Haryana: करनाल मेडिकल कॉलेज में यौन प्रताड़ना की शिकायत के बाद जांच समिति की बैठक आज, जाने क्या है मामला
हरियाणा के करनाल में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को मूलभूत समस्याओं के लिए भी कई बार धरने प्रदर्शन को मजबूर होना पड़ा। ऐसे में जब पहली बार विधानसभा की ओर से गठित कमेटी ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया तो यहां ओटी मास्टर द्वारा यौन शोषण का मामला उजागर हुआ।

मामले में चेयरमैन विधायक सीमा त्रिखा के निर्देश पर कॉलेज की यौन प्रताड़ना शिकायत निवारण समिति सोमवार को बैठक कर जांच की प्रक्रिया शुरू करेगी। इधर, सूत्रों का कहना है कि आरोप लगाने वाली छात्राओं पर भी दबाव बनाया जा रहा है ताकि मामला तूल न पकड़े। 


मेडिकल कॉलेज के छात्रों का आरोप है कि अब तक हुए अलग-अलग मांगों पर प्रदर्शन करने की नौबत भी तब आई थी जब कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। पीने का पानी और लिफ्ट आदि शुरू कराने के लिए भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा। यही कारण है कि छात्राओं की ओर से विधायकों की कमेटी और सीएम से यौन उत्पीड़न की शिकायत की गई है।

दूसरी ओर मामला उजागर होने के बाद से कमेटी सदस्य और असंध के विधायक शमशेर सिंह गोगी भी सख्त हैं। उन्होंने संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश दुरेजा को विद्यार्थियों से निरंतर संवाद स्थापित करने की नसीहत दी है ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। विदित हो कि आरोपी ओटी मास्टर पवन कुमार वर्ष 2014 से मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं। इससे पहले भिवानी में सेवारत थे।

बैठक करके आठ सदस्यीय कमेटी करेगी मामले की जांच 
कॉलेज की यौन प्रताड़ना शिकायत निवारण समिति के आठ सदस्य सोमवार को मामले की जांच को लेकर बैठक करेंगे। कमेटी के सदस्य डॉ. कुलजीत कुमार ने बताया कि कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. रीचा कंसल है। उनकी तरफ से सभी सदस्यों को बैठक का संदेश पहुंच गया है। मामले की निष्पक्ष जांच होगी। कमेटी में हमारे अतिरिक्त पैथोलॉजी विभाग से डॉ. उपेंद्र, जनरल सर्जरी विभाग से डॉ. गौरव थामी, एनीथेसिया विभाग से डॉ. किरण शर्मा, मनोविज्ञान विभाग से डॉ. शालू मित्तल, नर्सिंग सुपरीटेंडेंट कुलवंत कौर और एडवोकेट सरोज बाला जैन शामिल हैं। 

छात्राओं के संपर्क में रहेगा कॉलेज स्टाफ : निदेशक 
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. जगदीश दुरेजा का कहना है कि दोबारा इस तरह के हालात पैदा न हो, इसे लेकर कॉलेज में सख्ती की जाएगी। खासतौर पर कॉलेज का स्टाफ व अलग-अलग कमेटियों के प्रतिनिधि विभिन्न विभागों में छात्राओं के संपर्क में रहेंगे। ताकि उनकी हर छोटी से छोटी समस्या हमें पता चले। कॉलेज की इंटरनल कमेटियां गठित हैं। ओटी मास्टर पर भी अब से पहले ऐसा कोई आरोप नहीं लगा, न शिकायत आई। 

निदेशक बोलने कहां देते हैं, तभी ये हालात हैं : विधायक 
विधायक शमशेर सिंह गोगी का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में काफी संख्या में महिला स्टाफ हैं। फिर भी ऐसा मामला सामने आया है तो यह सभी के लिए शर्म की बात है। महिला स्टाफ को बेटियों का ध्यान रखना चाहिए। संस्थान के निदेशक कहते हैं कि उन्हें इस बारे में कभी किसी विद्यार्थी ने नहीं बताया। विद्यार्थी उन्हें बताएंगे भी कैसे निदेशक उन्हें बोलने कहां देते हैं। छोटी-छोटी समस्याओं पर तो विद्यार्थी प्रदर्शन करते हैं।

इन मांगों को लेकर किया था प्रदर्शन 
 सितंबर 2022 में मेडिकल कॉलेज की लिफ्ट न चलने को लेकर भी विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया था। 
 अगस्त 2022 में मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने पानी, बिजली और सफाई की व्यवस्था को लेकर निदेशक कार्यालय के सामने धरना दिया था। 
 जुलाई और जून 2022 में मेडिकल के विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में शरारती तत्वों के बेरोकटोक आने और हल्ला मचाने से परेशान होकर धरना दिया था। 
 दिसंबर 2021 में कुटेल की मेडिकल यूनिवर्सिटी में होस्टल के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। 
 इन प्रदर्शनों के दौरान भी विद्यार्थियों ने सुनवाई न होने के आरोप लगाए थे। 
काम न करने पर सीआर को पद से हटाया तो रंजिश में लगाए गए गलत आरोप 
करनाल।(संवाद) यौन शोषण के आरोपी कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओटी मास्टर पवन कुमार ने बीएससी ओटी टेक्नीशियन 2022-23 बैच की छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने काम न करने पर सीआर (कक्षा प्रतिनिधि) को 19 जनवरी 2023 को पद से हटाया था। इसी रंजिश में उन पर ये संगीन आरोप लगाए गए हैं। उन्हें अपने काम में अनुशासनहीनता बिल्कुल पसंद नहीं है। इसी वजह से सभी बच्चों को भड़काकर उनके खिलाफ यह षडयंत्र रचा है। 

उनका कहना है कि वे भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं। वे स्वयं उनकी प्रेम रस सिद्धांत की किताब पढ़ते हैं, जिसे कभी-कभी वे विभाग में भी ले जाते थे। उनका कहना है कि उन्होंने कभी किसी को प्रेम रस पढ़ने के लिए नहीं कहा, जबकि छात्राओं ने खुद किताब के प्रति अपनी जिज्ञासा व्यक्त की थी।

विदित हो कि शनिवार को विधानसभा की ओर से गठित विधायक दल शनिवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, जिला नागरिक अस्पताल और आईटीआई का निरीक्षण करने पहुंचा था। इस दौरान मेडिकल कॉलेज की बीएससी ओटी टेक्नीशियन 2022-23 बैच की छात्राओं ने ओटी मास्टर पर यौन शोषण, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

जिसके बाद विधायक दल ने तुरंत प्रभाव से ओटी मास्टर को 30 दिन की जबरन छुट्टी पर भेज दिया और कॉलेज की सेक्सुअल हसमेंट कमेटी को जांच का जिम्मेदारी देते हुए 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है। इधर, मामले में विभाग की अध्यक्ष डॉ. फाजिया रेहमान खान अभी चुप्पी साधे हुए हैं। 

सर्दी के लिए हैवी कपड़े डालने को कहा था 
आरोपी पवन कुमार ने ब्यूटी बोन से लेकर वृंदावन वाली बातों को एकदम से नकार दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने बच्चों का कहा था कि सर्दी अधिक है, इसलिए हैवी कपड़े डालें, ताकि कोई बीमार न पड़े। उनका कहना है कि बच्चों ने ही उन्हें बोला था कि आप जब वृंदावन जाओ तो उन्हें बता देना वे भी साथ चलेंगी। 

पत्नी के मोबाइल से दी थी नव वर्ष की बधाई 
आरोपी का कहना है कि उन्होंने कभी छात्राओं को व्हाट्सएप या अन्य किसी सोशल नेटवर्किंग साइट पर मैसेज नहीं किए। केवल नव वर्ष की शुभकामनाओं का मैसेज अपनी पत्नी के मोबाइल से भेजा था। उसके सिवा कभी किसी को मैसेज नहीं भेजा। उनका कहना है कि उनके पास अपना मोबाइल फोन तक भी नहीं है।