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Haryana: DPC की मीटिंग हुई 3 साल बाद, बहुतकनीकी कॉलेजों के 165 लेक्चरर का प्रोमोशन का रास्ता हुआ साफ

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Haryana: DPC की मीटिंग हुई  3 साल बाद, बहुतकनीकी कॉलेजों के 165 लेक्चरर का प्रोमोशन का रास्ता हुआ साफ

Haryana: हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा लेक्चरर से सीनियर लेक्चरर के पद पर पदोन्नति देने के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशनल कमेटी (डीपीसी) गठित की गई थी। नियमानुसार इसकी बैठक तीन माह में एक बार होनी चाहिए, मगर ऐसा हुआ नहीं। अंदाजा आखिरी बैठक की तारीख से लगाया जा सकता है। दिसंबर 2019 के 36 माह बाद 20 दिसंबर 2022 में इसकी बैठक हुई। डीपीसी की इसी बैठक में 165 लेक्चरर की पदोन्नति का रास्ता खुला है। 


बताया गया है कि डीपीसी ने इस बैठक में ग्रुप बी से ग्रुप ए में पदोन्नत करने के लिए 165 लेक्चरर की संस्तुति की है। अब इसकी अधिसूचना के साथ अंतिम मोहर लगना बाकी है। नियमानुसार हरियाणा के सरकारी बहुतकनीकी कॉलेजों में लेक्चरर की नियुक्ति पश्चात 6 साल का कार्यकाल पूरा करने पर इन्हें प्रमोशन ड्यू होती है, मगर डीपीसी की बैठकों का लंबे अंतराल तक न होना, इस पदोन्नति प्रक्रिया के आड़े आता रहा है। 

2000 और 2004 में भर्ती लेक्चरर थे इंतजार में
साल 2000 और 2004 में भर्ती हुए करीब 100 लेक्चरर लंबे इंतजार के बाद अब 2023 में पदोन्नत होंगे। इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या साल 2004 में भर्ती हुए लेक्चरर की बताई गई है। वहीं 165 में कई लेक्चरर वे भी शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति को महज 6, 7 या 8 साल ही हुए हैं।  


स्केल में भी झोल
राजकीय पॉलीटेकिभनक टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष हरिदास के मुताबिक ग्रुप बी से ग्रुप में पदोन्नति के लिए डीपीसी 165 लेक्चरर की पदोन्नति बारे जानकारी तो मिली है, लेकिन अभी तक इसकी अधिकृत रूप से कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि लेक्चरर को नियुक्ति के समय 5400 का स्केल दिया जाता है जबकि 6 साल पूरा करने के बाद 6000, 12 साल के बाद 7600 और 17 साल के बाद 8000 स्केल सभी को दिया जाता है। लेकिन 20 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद 8700 के स्केल का लाभ सिर्फ 15 प्रतिशत को ही मिलता है। हरियाणा के सरकारी बहुतकनीकी कॉलेजों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों में इस बात की टीस है कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में 100 प्रतिशत को पे-बैंड फोर दिया जाता है, मगर उनके साथ भेदभाव हो रहा है